आज 20 जुलाई 2026 को नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे शांतिपूर्ण युवा अनशन और समाजसेवी एवं नवप्रवर्तक सोनम वांगचुक के समर्थन में विभिन्न युवाओं और नागरिकों ने अपनी एकजुटता व्यक्त की। इस अवसर पर ‘युथ फॉर ट्रुथ’ अभियान से जुड़े साथियों ने भी अनशन स्थल पर पहुँचकर अपना समर्थन दर्ज कराया।
इस दौरान प्रतिभागियों ने शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही और पारदर्शिता की आवश्यकता पर जोर दिया। प्रदर्शन में शामिल लोगों ने शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर सरकार से प्रभावी कार्रवाई की मांग की और संबंधित पक्षों से उत्तरदायित्व सुनिश्चित करने का आग्रह किया।
‘युथ फॉर ट्रुथ’ के प्रतिनिधियों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की मांग भी उठाई। साथ ही उन्होंने सरकार से अपील की कि शिक्षा से जुड़े गंभीर मुद्दों पर शीघ्र, पारदर्शी और जवाबदेह कदम उठाए जाएँ, ताकि विद्यार्थियों और युवाओं का विश्वास पुनः स्थापित हो सके।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि उनका उद्देश्य शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीकों से अपनी बात रखना है। उनका मानना है कि युवाओं की आवाज़ को सुना जाना चाहिए और शिक्षा व्यवस्था में आवश्यक सुधार समय की मांग है।
इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने लोकतांत्रिक मूल्यों, शांतिपूर्ण संवाद और जवाबदेही के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि देश के भविष्य से जुड़े प्रश्नों पर सभी संबंधित पक्षों को गंभीरता से विचार करना चाहिए।







