हिंसा के दौर में गांधी : सत्य, संवाद और मानवीयता की प्रासंगिकता

डॉ ० लिलू कुमारी महात्मा गांधी को केवल भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के एक प्रमुख नेता के रूप में देखना उनके विचारों की व्यापकता को…

Continue Readingहिंसा के दौर में गांधी : सत्य, संवाद और मानवीयता की प्रासंगिकता

राष्ट्रप्रेम वंदे मातरम् गाने से नहीं, संविधान मानने से साबित होता है

तुषार अरुण गांधी से विवेक कुमार साव की बातचीत वंदे मातरम् को लेकर हाल के दिनों में फिर से तीखा विवाद छिड़ा है। एक…

Continue Readingराष्ट्रप्रेम वंदे मातरम् गाने से नहीं, संविधान मानने से साबित होता है

पवनार आश्रम की स्मृतियाँ – विनोबा जी के जीवंत पाठ

विवेक कुमार साव 11 सितंबर, भूदान आंदोलन के प्रणेता और स्वतंत्रता सेनानी आचार्य विनोबा भावे की जयंती पर विशेष।) आचार्य विनोबा भावे का जीवन…

Continue Readingपवनार आश्रम की स्मृतियाँ – विनोबा जी के जीवंत पाठ