भारत में रोज़गार केवल आर्थिक विषय नहीं है, यह सम्मान, आत्मनिर्भरता और सामाजिक न्याय से गहराई से जुड़ा हुआ प्रश्न है। इसी भावना के साथ शुरू हुई मनरेगा बचाओ साइकिल यात्रा, जो श्रमिकों, ग्रामीण समुदायों और युवाओं के लिए एक शांतिपूर्ण और संवैधानिक संवाद स्थापित करने का प्रयास है।
Global Gandhi इस यात्रा के मूल उद्देश्य और मूल्यों के साथ एकजुटता व्यक्त करता है।
मनरेगा बचाओ साइकिल यात्रा क्या है?
मनरेगा बचाओ साइकिल यात्रा एक जन-जागरूकता पहल है, जो
📅 17 जनवरी से 17 फरवरी तक
📍 चौरी चौरा से बनारस (वाराणसी)
के मार्ग पर आयोजित की जा रही है।
यह यात्रा साइकिल जैसे सरल, पर्यावरण-अनुकूल और गांधीवादी प्रतीक के माध्यम से यह संदेश देती है कि लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा संवाद और अहिंसा से ही संभव है।
गांधीवादी दृष्टिकोण और श्रम की गरिमा
महात्मा गांधी के विचारों में श्रम को केवल आजीविका का साधन नहीं, बल्कि मानव गरिमा का आधार माना गया है।
मनरेगा बचाओ साइकिल यात्रा इसी गांधीवादी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए यह प्रश्न उठाती है कि:
- क्या रोज़गार का अधिकार केवल नीति का विषय है या मानवीय सम्मान का?
- क्या विकास की परिभाषा में श्रमिक की आवाज़ शामिल है?
Global Gandhi का मानना है कि ऐसे प्रश्नों पर शांत, नैतिक और समावेशी संवाद ही समाज को आगे ले जा सकता है।
🚲 साइकिल यात्रा का प्रतीकात्मक महत्व
साइकिल केवल एक वाहन नहीं है, यह प्रतीक है:
- साधारण नागरिक की भागीदारी का
- पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी का
- और सत्ता नहीं, समाज के साथ चलने का
यह यात्रा यह भी दिखाती है कि बड़े बदलाव साधारण कदमों से शुरू होते हैं।
Global Gandhi का समर्थन
Global Gandhi इस साइकिल यात्रा को किसी राजनीतिक अभियान के रूप में नहीं, बल्कि
श्रम की गरिमा, संवैधानिक अधिकारों और सामाजिक संवेदनशीलता की आवाज़ के रूप में देखता है।
हम मानते हैं कि:
- रोज़गार पर संवाद होना चाहिए
- श्रमिक की बात सम्मान के साथ सुनी जानी चाहिए
- और समाज को जोड़ने वाले प्रयासों को समर्थन मिलना चाहिए
🌱 युवाओं के लिए संदेश
आज के युवाओं के लिए यह यात्रा एक अवसर है:
- समाज की जमीनी सच्चाइयों को समझने का
- गांधीवादी मूल्यों को व्यवहार में देखने का
- और जिम्मेदार नागरिक बनने का
Global Gandhi युवाओं से आह्वान करता है कि वे ऐसे प्रयासों को देखें, समझें और संवाद का हिस्सा बनें।
निष्कर्ष
मनरेगा बचाओ साइकिल यात्रा यह याद दिलाती है कि
लोकतंत्र केवल संस्थाओं से नहीं, बल्कि नागरिक चेतना से मजबूत होता है।
Global Gandhi इस यात्रा के माध्यम से उठाई जा रही शांतिपूर्ण आवाज़ के साथ खड़ा है और विश्वास करता है कि
संवेदना, संवाद और नैतिकता ही सच्चे राष्ट्रनिर्माण की नींव हैं।





